लफ़्ज़ों ने बहुत

लफ़्ज़ों ने बहुत मुझको छुपाया लेकिन…. उसने मेरी नज़रों की तलाशी ले ली

अभी तो साथ चलना है

अभी तो साथ चलना है समंदरों की लहरों मॆं… किनारे पर ही देखेंगे… किनारा कौन करता है?

हर पल खुश रहूं

हर पल खुश रहूं ऐसा हो नहीं सकता, यादें भी आखिर कोई चीज़ हुआ करती हैं|

सोच रहा हूँ

सोच रहा हूँ कि लिखूं कुछ ऐसा आज जिसे पढ़, वो रोये भी ना और, रात भर सोये भी ना..

कैसे भूलेगी वो

कैसे भूलेगी वो मेरी बरसों की चाहत को, दरिया अगर सूख भी जाये तो रेत से नमी नहीं जाती…

लोग आज कल ‪मुझसे

लोग आज कल ‪मुझसे‬ मेरी ‪खुशी‬ का ‪राज‬ पूछते है, . अगर तेरी ‪इजाजत‬ हो तो ‪‎तेरा‬ नाम ‪‎बता‬ दूँ !!

तू मुझे गुनहगार

तू मुझे गुनहगार साबित करने की ज़हमत ना उठा, बस ये बता, क्या-क्या कुबूल करना है…!!

कैसे करें हम खुद को

कैसे करें हम खुद को तेरे प्यार के क़ाबिल! जब हम आदतें बदलते हैं,तो तुम शर्तें बदल देते हो|

शर्म नहीं आती उदासी को

शर्म नहीं आती उदासी को जरा भी, मुद्दतों से मेरे घर की महेमान बनी हुई है ….!!!!

मोहब्बत में नहीं रहा

मोहब्बत में नहीं रहा तन्हा कभी कोई… किसी को इश्क मिल गया…. किसी को अश्क मिल गए…