तुम हो मुस्कान

तुम हो मुस्कान लबों की…. बाकी ज़िन्दगी खाली-ख़ाली…!!

अपनी चाहत के

अपनी चाहत के नाम कर लेना, कोई उँचा मकाम कर लेना, अगर किसी मोड़ पर मिलो मुझसे, एक प्यारा सलाम कर लेना…

कैसे कह दूं

कैसे कह दूं, कि थक गया हूं मैं….. जाने किस-किस का, हौसला हूं मै|

चाहतों के मोड़ पे

चाहतों के मोड़ पे… कभी वो रुकी कभी मैं रुका…

इतने नाज़ुक है वो

वो धड़कनों की धमक से डरने लगे है.. गले कैसे लगाऊँ इतने नाज़ुक है वो..!

दिल धड़कने लगता है

दिल धड़कने लगता है ख़यालों से ही, ना जाने क्या हाल होगा मुलाक़ातों में.

लगता है आज

लगता है आज ज़िन्दगी कुछ ख़फ़ा है, चलिए छोड़िये कौन सी पहली दफ़ा है..

सीने पे तीर खाके

सीने पे तीर खाके भी अगर कोई मुस्कुरा दे तो…… निशाना लाख अच्छा हो मगर बेकार जाता है…….!!!

ये कैसी किस्मत है

ये कैसी किस्मत है दिल और भरोसे की, कि सिर्फ टूटना लिखा रब ने मुकद्दर में…

ख़ुदा के वास्ते

ख़ुदा के वास्ते इसको न टोको, यही एक शहर में का़तिल बचा है…