अब ये न पूछना की..

अब ये न पूछना की.. ये अल्फ़ाज़ कहाँ सेलाता हूँ, कुछ चुराता हूँ दर्द दूसरों के, कुछ अपनी सुनाता हूँ|

इस ज़मीं पर

इस ज़मीं पर तू खूब गा ले नदी फिर समंदर में डूब जाना है|

तेरी नशे वाली आँखों का…

तेरी नशे वाली आँखों का… बड़ा नाम हैं…… आज नजरों से पिला दोहम तो वैसे भी बदनाम है…….

हर रंग लगा के

हर रंग लगा के देखा चेहरे पर रंग उदासी का उतरा ही नही..!!

इरादे बाँधता हूँ

इरादे बाँधता हूँ सोचता हूँ तोड़ देता हूँ कहीं ऐसा न हो जाए कहीं वैसा न हो जाए

मेरी गुमशुदगी की

मेरी गुमशुदगी की जब तफ्शीश हुई, मैं बरामद हुआ उनके ख्यालों में…

आसमां में उड़ने की चाह

आसमां में उड़ने की चाह रखने वाले.. कभी जमी पर गिरने की परवाह नहीं करते !!

ऐ जिंदगी तू सच में

ऐ जिंदगी तू सच में बहुत खूबसूरत है… फिर भी तू मेरे दोस्त के बिना अच्छी नही लगती..!!

धीरे धीरे बहुत

धीरे धीरे बहुत कुछ बदल रहा है… लोग भी…रिश्ते भी…और कभी कभी हम खुद भी…

अगर तू आंसू है

अगर तू आंसू है तो फिर….. मेरा भी रोना जरूरी है….