है अजीब शहर की

है अजीब शहर की ज़िंदगी न सफ़र रहा न क़याम है
कहीं कारोबार सी दोपहर कहीं बद-मिज़ाज सी शाम है

मत किया कर

मत किया कर ऐ दिल किसी से मोहब्बत
इतनी..!!जो लोग बात नहीं करते वो प्यार क्या
करेंगे…!!