बहुत आसाँ हैं

बहुत आसाँ हैं आदमी का क़त्ल मेरे मुल्क में, सियासी रंजिश का नाम लेकर घर जला डालो…..

एक ही बात सच है

एक ही बात सच है दुनिया में…आप किसी को हमेशा खुश नहीं रख सकते

हर शख्स परिंदों का

हर शख्स परिंदों का हमदर्द नही होता मेरे दोस्त, बहुत बेदर्द बेठे है दुनिया में, जाल बिछाने वाले !!

दुआओ को भी

दुआओ को भी अजीब इश्क है मुझसे… वो कबूल तक नहीं होती मुझसे जुदा होने के डर से …

दिल की बातें

दिल की बातें दूसरों से मत कहो लुट जाओगे आज कल इज़हार के धंधे में है घाटा बहुत

मैं आदमी हूँ

मैं आदमी हूँ कोई फ़रिश्ता नहीं हुज़ूर मैं आज अपनी ज़ात से घबरा के पी गया….

हम इश्क के

हम इश्क के फ़कीर है प्यारे छीनकर ले जायेंगे… दिल की धड़कने तुम्हारी

मेरी नासमझी की

मेरी नासमझी की भी हद ना पूछिए दोस्तों, उन्हें खोकर हम फिर उन जैसा ही ढूढ रहे हैं….

उठा कर कफ़न

उठा कर कफ़न , ना दिखाना चेहरा मेरा उनको उसे भी तो पता चले के यार का दीदार न हो तो कैसा लगता है…!!!

मेरा प्यार सच्चा था

मेरा प्यार सच्चा था इस लिये तेरी याद आती है, अगर तेरी बेवफाई भी सच्ची है तो अब यादों मे मत आना…..