निकाल दिया उसने

निकाल दिया उसने हमें अपनी ज़िन्दगी से भीगे कागज़ की तरह, ना लिखने के काबिल छोड़ा, ना जलने के..!!

ज़िंदगी के ये सवालात

ज़िंदगी के ये सवालात कहाँ थे पहले, इतने उलझे हुए हालात कहाँ थे पहले..

तू डूबने से

तू डूबने से यकीनन मुझे बचा लेगा, मगर तेरा एहसान मार डालेगा..

दिन में काम

दिन में काम सोने नही देता, रात में एक नाम सोने नही देता।।

मोहब्बत आज भी

मोहब्बत आज भी करते है एक दूसरे से, पर बताते अब वो भी नहीं और जताते हम भी नहीं।।

मिले थे एक अजनबी बनकर

मिले थे एक अजनबी बनकर, आज मेरे दिल की जरूरत हो तुम।।

तुझसे मेरा रिश्ता

तुझसे मेरा रिश्ता क्या है,मालूम तो नही मगर, तेरे लिए दुआ माँगना, न जाने क्यो अच्छा लगता है..!!

दिलों कि बात

दिलों कि बात भले ही करता हो ज़माना लेकिन, आज भी मुहब्बत चेहरों से ही शुरू होती हैं..

खुशनसीब कुछ ऐसे हम

खुशनसीब कुछ ऐसे हम हो जायें, तुम हो हम हो और इश्क़ हो जायें।।

उन्हे कोई और भी

उन्हे कोई और भी चाहे.. इस बात से हम थोङा- थोङा जलते हैं…! ग़ुरुर है हमें इस बात पर..कि सब हमारी पसंद पर ही क्यूँ मरते हैं|