अपने वजूद पर

अपने वजूद पर, इतना न इतरा ए ज़िन्दगी, वो तो मौत है, जो तुझे मोहलत देती जा रही है…..

मेरे दिल की कभी

मेरे दिल की कभी धड़कन को समझो या ना समझो तुम.. मैं लिखता हूँ मोहब्बत पे तो इकलौती वजह हो तुम..तुम|

उड़ने में कोई बुराई नहीं है

उड़ने में कोई बुराई नहीं है आप भी उड़े लेकिन उतना ही जहा से ज़मीन साफ दिखाई देती हो…

तुमने उम्मीद दी

तुमने उम्मीद दी मैंने उम्मीद की हम दोनों यूं ही नदी के दो किनारों की तरह चलते रहे जीवन तक……

रिश्ते की गहराई

रिश्ते की गहराई अल्फाजो से मत नापो.. *सिर्फ एक सवाल सारे धागे तोड़ जाता है…!

ये जिंदगी तेरे साथ हो …

ये जिंदगी तेरे साथ हो … ये आरजू दिन रात हो …. मैं तेरे संग संग चलूँ … तू हर सफर में मेरे साथ हो …..

आज नही तो कल

आज नही तो कल ये एहसास हो ही जायेगा….!!.. कि “नसीब वालो” को ही मिलते है फिकर करने वाले”

कैसी उम्र में

कैसी उम्र में आ कर मिले हों हमसे, जब हाथों की मेंहंदी बालों में लग रही है।

ना जाने कौनसी

ना जाने कौनसी दवा है उसके पास, कुछ पल साथ गुजार लूं तो सुकून सा मिलता है।।

कुछ अजीब सा

कुछ अजीब सा रिश्ता है उसके और मेरे दरमियां; ना नफरत की वजह मिल रही है ना मोहब्बत का सिला..!