आज वो मिली

आज वो मिली ….. जो नींद में आकर…नींद से उठा देती थी…!!!

प्यार तो प्यार है

एक तरफा ही सही…प्यार तो प्यार है…, उसे हो ना हो…लेकिन मुझे बेशुमार है..

माँगने वालों को

माँगने वालों को क्या इज़्ज़त ओ रुस्वाई से देने वालों की अमीरी का भरम खुलता है|

सहारों की बात मत करना

अब सहारों की बात मत करना….… अब दिलासों से भर गया है दिल….!!

मेरा खुदा एक ही है….

मेरा खुदा एक ही है…. जिसकी बंदगी से मुझे सकून मिला भटक गया था मै…. जो हर चौखट पर सर झुकाने लगा..

तेरी आवाज़ आज भी

तेरी आवाज़ आज भी मेरे कानों में गूंजा करती है, वो तेरा एक बार का कहना “तुम सिर्फ मेरे हो ..!

मुझे सजा मिली..

ज़िन्दगी मिली भी तो क्या मिली, बन के बेवफा मिली….. इतने तो मेरे गुनाह भी ना थे, जितनी मुझे सजा मिली..

धुप से जल कर

धुप से जल कर मरा है वो, कमबख्त चाँद पर कविताएँ लिखता था..!!

ज़माने के लिए

ज़माने के लिए तो कुछ दिन बाद होली है.. लेकिन मुझे तो रोज़ रंग देती हैं यादें तेरी..!!

घर से निकले हैं

वापसी का तो कोई सवाल ही नहीं साहब .. . ,घर से निकले हैं हम आँसूओं की तरह..