मुझे कुछ लिखना

मुझे कुछ लिखना नही आता बस कुछ शब्दों को संजोकर एक ही नाम लिखना आता है|

मुझे नशा है

मुझे नशा है तुझे याद करने का और, ये नशा में सरेआम करता हूँ|

दिल पूछता है

दिल पूछता है सवाल बार बार मुझसे…. जो जी रहे हो क्या यही जिन्दगी है|

रोते-रोते थक कर

रोते-रोते थक कर जैसे कोई बच्चा सो जाता है.. हाल हमारे दिल का अक्सर कुछ ऐसा ही हो जाता है|

तुम में और आइने में

तुम में और आइने में कोई फर्क नहीं जो सामने आया तुम उसी के हो गए !

अच्छा किया जो

अच्छा किया जो तुमने गुनहगार कह दिया मशहूर हो गया हूँ मैं, बदनामियों के साथ |

वक़्त बड़ा धारदार होता है

वक़्त बड़ा धारदार होता है, कट तो जाता है मगर काटने के बाद।

इस सलीक़े से

इस सलीक़े से मुझे क़त्ल किया है उसने, अब भी दुनिया ये समझती है की ज़िंदा हूँ मैं|

दौर वह आया है

दौर वह आया है, कि कातिल की सज़ा कोई नहीं, हर सज़ा उसके लिए है, जिसकी खता कोई नहीं|

माफ़ी वही दे सकता है

माफ़ी वही दे सकता है जो अंदर से मज़बूत हो, खोखले इंसान सिर्फ बदले की आग में जलते रहते है|