बस दिलों को

बस दिलों को जीतना ही मकसद रखना दोस्तों, वरना दुनिया जीतकर तो सिकंदर भी खाली हाथ ही गया…..

सुकून और इश्क

सुकून और इश्क वो भी दोनों एक साथ !! रहने दो जी, कोई अक्ल की बात करो ।।

भूल न जाऊं

भूल न जाऊं माँगना उसे हर नमाज़ के बाद, यही सोच कर हमने नाम उसका दुआ रक्खा है।

तुम जो ये ख्वाब

तुम जो ये ख्वाब साथ लिए सोते हो,यही तो इश्क़ है|

इनसान बनने की फुर्सत

इनसान बनने की फुर्सत ही नहीं मिलती, आदमी मसरूफ है इतना, ख़ुदा बनने में…!

रात ढलने लगी है

रात ढलने लगी है बदन थकान से चूर है…. ऐ ख़याल-ए-यार तरस खा सोने दे मुझे…..

तेरा इश्क जैसे

तेरा इश्क जैसे प्याज था शायद। परते खुलती गयी आँसू निकलते गये॥

जिस शहर में

जिस शहर में तुम्हे मकान कम और शमशान ज्यादा मिले… समझ लेना वहा किसी ने हम से आँख मिलाने की गलती की थी….!!

तुम वादा करो

तुम वादा करो आखरी दीदार करने आओगे, हम मौत को भी इंतजार करवाएँगे तेरी ख़ातिर,

इश्क़ का क्या हुआ

इश्क़ का क्या हुआ है, असर देखें; आप ही आप हैं, अब जिधर देखें!