आपने नज़र से नज़र

आपने नज़र से नज़र कब मिला दी, हमारी ज़िन्दगी झूमकर मुस्कुरा दी, जुबां से तो हम कुछ भी न कह सके, पर निगाहों ने दिल की कहानी सुना दी.

अच्छे समय से ज्यादा

अच्छे समय से ज्यादा, अच्छे इंसान के साथ रिश्ता रखो. अच्छा इंसान अच्छा समय ला सकता है, लेकिन अच्छा समय अच्छा इंसान नहीं ला सकता |

कुछ भी नया करने में

कुछ भी नया करने में संकोच मत करो। ये मत सोचो कि हार होगी ? हार तो किसी की नहीं होती। या तो जीत मिलती हैं, या सीख मिलती हैं।

अजीब सौदागर हैं

अजीब सौदागर हैं ये वक़्त भी।। जवानी का लालच दे के बचपन ले गया …

गंदगी नज़रों में

गंदगी नज़रों में होती है वरना कचरा बीनने वालों को तो कचरे में भी रोटी दिखती है..

गरीब की झोपड़ी मे

स्वभाव रखना है तो उस दीपक की तरह रखो…… जो बादशाह के महल में भी उतनी रोशनी देता है…. जितनी किसी गरीब की झोपड़ी मे

सिखा दिया हैं

सिखा दिया हैं जहां ने , हर जख्म पे हसना …… . ले देख जिन्दगी , अब तुझसे नही डरता …..!!

एक वो वक़्त था

एक वो वक़्त था जब काना बाँसुरी बजाता और सारी गोपियाँ घर से बहार निकल आती और एक आज है जब कचरावाला आके सीटी मारता है और सब गोपियां घर के बहार…

उसे नष्ट करता है

बहुत सुन्दर सन्देश लोहे को कोई नष्ट नहीं कर सकता बस उसका जंग….. उसे नष्ट करता है, इसी तरह आदमी को भी कोई और नहीं बल्कि उसकी सोच….. ही नष्ट कर सकती है!! सोच अच्छी रखो, निश्चित अच्छा …… ही होगा

तू छोड़ रहा है

तू छोड़ रहा है तो इसमें तेरी ख़ता क्या हर शख़्स मेरा साथ निभा भी नहीं सकता !!