ज़माना हो गया

ज़माना हो गया बिस्मिल, तेरी सीधी निगाहों पे , खुदा ना ख्वास्ता, तिरछी नज़र होती, तो क्या होता !!!

मामूली नही है हम…

कभी तो खर्च कर दिया करो.. खुद को मुझ पर… तसल्ली रहें.. मामूली नही है हम….

मैं शैतान हूँ

मैं शैतान हूँ कम से कम तब, जब तुम मेरे सामने भगवान बनने की कोशिश करो

चले गये तो

चले गये तो पुकारेगी हर सदा हमको, न जाने कितनी ज़बानों से हम बयां होंगे|

मुहब्बत मुक़म्मल होती तो

मुहब्बत मुक़म्मल होती तो ये रोग कौन पालता … अधूरे आशिक़ ही तो शायर हुआ करते हैं…

मिलती है मौजूदगी

मिलती है मौजूदगी उस खुदा की उसको जिसने जर्रे जर्रे में ,क़तरे क़तरे में तलाशा है उसको ।

सोच रहा हूँ

सोच रहा हूँ कि लिखूं कुछ ऐसा आज जिसे पढ़, वो रोये भी ना और, रात भर सोये भी ना..

लोग आज कल ‪मुझसे

लोग आज कल ‪मुझसे‬ मेरी ‪खुशी‬ का ‪राज‬ पूछते है, . अगर तेरी ‪इजाजत‬ हो तो ‪‎तेरा‬ नाम ‪‎बता‬ दूँ !!

तू मुझे गुनहगार

तू मुझे गुनहगार साबित करने की ज़हमत ना उठा, बस ये बता, क्या-क्या कुबूल करना है…!!

मैंने पूछा एक पल में

मैंने पूछा एक पल में जान कैसे निकलती है, उसने चलते चलते मेरा हाथ छोड़ दिया..