देखते हैं मेरा

देखते हैं मेरा बुढ़ापा किस के हिस्से में पड़े, मेरे बच्चे कर रहे हैं घर के बटवारे की बात…

अदा-ए-मोहब्बत

अदा-ए-मोहब्बत सजदा-ए-इश्क, नाम कुछ भी हो… मतलब तुम्ही से है|

चलो कायनात बांट लेते हैं

चलो कायनात बांट लेते हैं…. तुम अगले जन्म मेरी, मै जन्मों जन्म तुम्हारा|

तुम्हारी मुस्कान से

तुम्हारी मुस्कान से सुधर जाती है तबियत मेरी…. तुम इश्क़ करते हो या इलाज करते हो….!!

न कोई फिकर

न कोई फिकर, न कोई चाह हम तो बड़े बेपरवाह है उम्र फकीराना गुजरी है हम तो ऐसे शहंसाह है|

कितना अच्छा लगता है

कितना अच्छा लगता है ना जब मोहब्बत में कोई कहे…. क्यूँ करते हो किसी और से बात मैं काफी नहीं आपके लिए…?

हम पागल अच्छे है

हम पागल अच्छे है दुनियाँ के समझदार लोगों से.. हम अपने ख्वाब जरुर तोड़ते है पर किसी का दिल नही..

होती नहीं है

होती नहीं है मोहब्बत सूरत से, मोहब्बत तो दिल से होती है, सूरत उनकी खुद-ब-खुद लगती है प्यारी, कदर जिनकी दिल में होती है|

तुझे हक है

तुझे हक है, अपनी दुनिया में खुश रहने का, मेरा क्या है, मेरी तो दुनिया ही तु है..

न जाने क्यों

न जाने क्यों लोग अपना बना के सज़ा देते है, जिंदगी छीन के… ज़िन्दगी की दुआ देते है|