हजारों चेहरों में

हजारों चेहरों में,एक तुम ही थे जिस पर हम मर मिटे वरना.. ना चाहतों की कमी थी,और ना चाहने वालों की…!!

जिसको मौका मिलता है

जिसको मौका मिलता है पीता ज़रूर है, ना जाने क्या मिठास है गरीब के खून मेँ…!

उसे नष्ट करता है

बहुत सुन्दर सन्देश लोहे को कोई नष्ट नहीं कर सकता बस उसका जंग….. उसे नष्ट करता है, इसी तरह आदमी को भी कोई और नहीं बल्कि उसकी सोच….. ही नष्ट कर सकती है!! सोच अच्छी रखो, निश्चित अच्छा …… ही होगा

तू छोड़ रहा है तो

तू छोड़ रहा है तो इसमें तेरी ख़ता क्या हर शख़्स मेरा साथ निभा भी नहीं सकता !!

सहारों की बात मत करना

अब सहारों की बात मत करना….… अब दिलासों से भर गया है दिल….!!

कई रिश्तों को

कई रिश्तों को परखा तो नतीजा एक ही निकला, जरूरत ही सब कुछ है, महोब्बत कुछ नहीं होती…..

मुझ पर इलज़ाम झूठा है

मुझ पर इलज़ाम झूठा है मोहब्बत की नहीं थी हो गयी थी|

बात हुई थी

बात हुई थी समंदर के किनारे किनारे चलने की.. बातों बातों में निगाहों के समंदर में डूब गए..

रिश्ता बेवफाई से

जरुरी नहीं हर रिश्ता बेवफाई से ही खत्म हो,,,, कुछ रिश्ते किसी की ख़ुशी के लिए भी खत्म करने पड़ते है !!

करनी है खुदा से गुजारिश

करनी है खुदा से गुजारिश तेरी दोस्ती के सिवा कोई बंदगी न मिले हर जनम में मिले दोस्त तेरे जैसा या फिर कभी जिंदगी न मिले !!