आपने नज़र से नज़र

आपने नज़र से नज़र कब मिला दी, हमारी ज़िन्दगी झूमकर मुस्कुरा दी, जुबां से तो हम कुछ भी न कह सके, पर निगाहों ने दिल की कहानी सुना दी.

हजारों चेहरों में

हजारों चेहरों में,एक तुम ही थे जिस पर हम मर मिटे वरना.. ना चाहतों की कमी थी,और ना चाहने वालों की…!!

जिसको मौका मिलता है

जिसको मौका मिलता है पीता ज़रूर है, ना जाने क्या मिठास है गरीब के खून मेँ…!

उसे नष्ट करता है

बहुत सुन्दर सन्देश लोहे को कोई नष्ट नहीं कर सकता बस उसका जंग….. उसे नष्ट करता है, इसी तरह आदमी को भी कोई और नहीं बल्कि उसकी सोच….. ही नष्ट कर सकती है!! सोच अच्छी रखो, निश्चित अच्छा …… ही होगा

तू छोड़ रहा है तो

तू छोड़ रहा है तो इसमें तेरी ख़ता क्या हर शख़्स मेरा साथ निभा भी नहीं सकता !!

आँखोँ के परदे भी

आँखोँ के परदे भी नम हो गए बातोँ के सिलसिले भी कम हो गए. . . पता नही गलती किसकी है वक्त बुरा है या बुरे हम हो गए. .

ज़िन्दगी तरसती है

कब्रोँ पर यहाँ ताजमहल है…. और एक टूटी छत को ज़िन्दगी तरसती है…….

तुझे महसूस करने को

तड़प रही है सांसे तुझे महसूस करने को…फिजा में खुशबू बनकर बिखर जाओ तो कुछ बात बने |

आज वो मिली

आज वो मिली ….. जो नींद में आकर…नींद से उठा देती थी…!!!

दर्द को भी दर्द होता होगा

दर्द को भी दर्द होता होगा..!!! जब नाम-ऐ…इश्क़ आता होगा..!!