दिल से रोये

दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बेठे! यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बेठे! वो हमे एक लम्हा न दे पाए अपने प्यार का! और हम उनके लिये जिंदगी लुटा बेठे!

उसने एक बार….

उसने एक बार…. अपनी बाहो में भर कर अपना कहा था मुझको उस दिन से आज तक मैं अपने आप का भी ना हो सका|

आशियाने बनें भी

आशियाने बनें भी तो कहाँ जनाब… जमीनें महँगी हो चली हैं और दिल में लोग जगह नहीं देते..!!

आँधियाँ हसरत से

आँधियाँ हसरत से अपना सर पटकती रह गईं, बच गए वो पेड़ जिनमें हुनर झुकने का था…

हमे कहां मालूम था

हमे कहां मालूम था कि इश्क होता क्या है…? बस…. एक ‘तुम’ मिली और जिन्दगी…. मोहब्बत बन गई|

रात के बाद

रात के बाद सहर होगी मगर किस के लिए हम ही शायद न रहें रात के ढलते ढलते|

खुश नसीब है

खुश नसीब है ये आँखे जो सिर्फ , तेरे इंतजार में है, वरना पराये तो यू ही मिल जाते है|

बस इतनी सी बात पर

बस इतनी सी बात पर हमारा परिचय तमाम होता है ! हम उस रास्ते नही जाते जो रास्ता आम होता है…!!!

जिन्दगी जीने का मजा

जिन्दगी जीने का मजा तब तक जब तक वो जरा अधूरी रही, मौका दूसरा हर किसी के मुकद्दर में हो ये जरूरी नहीं।।

न रूठना हमसे

न रूठना हमसे हम मर जायेंगे दिल की दुनिया तबाह कर जायेंगे प्यार किया है हमने कोई मजाक नहीं दिल की धड़कन तेरे नाम कर जायेंगे |